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What is Off Page SEO क्या हैं और कैसे करें in Hindi

दोस्तों, अगर आपको अभी तक Off Page SEO Kya Hai और इसको सही तरीके से कैसे करते है या इसका technique kya hai, इसमें कौन कौन से activities करना परता है जिससे blog या website का रैंकिंग और ट्रैफिक बढे तो आप सही blog post पर आये है।

यहाँ आपको off page SEO से जुडी हर वो tips and tricks की जानकारी मिलने वाली है जिसकी जरुरत एक beginners ब्लॉगर को अपने ब्लॉग को गूगल में रैंक करने के लिए चाहिए।

अगर आप एक बिगिनर्स blogger है और चाहते है की सही तरीके से ऑफ पेज SEO यानी Search Engine Optimization कर के अपने ब्लॉग को Google में अच्छे रैंक पर rank कराये तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढियेगा और लगे की इससे और लोगो बताना चाहिए तो अपने जितने भी सोशल ग्रुप है उसमे इसको शेयर जरूर कीजियेगा।

सबसे पहले ये जानते है की What is off page SEO in Hindi

Off Page SEO क्या है ? Meaning in Hindi

Off Page SEO क्या है ? - Blog या Website बनने या ब्लॉग पोस्ट करने के बाद ऑफ पेज SEO के माध्यम से दूसरे वेबसाइट या ब्लॉग से back-link बनाने की बिधि को off page SEO कहते है। जो की search engine में रैंकिंग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इस बिधि से अपने ब्लॉग के domain authority बढ़ने में मदद मिलती है।

Off Page SEO Meaning in Hindi : Off-Page SEO के जरिये अपने ब्लॉग पोस्ट के अनुकूल यानि targeted keywords से जो लोग ज्यादा गूगल पर खोजते है उससे प्रासंगिक वेब पेज में लिंक जोड़ते है जिससे सर्च इंजन में सबसे ऊपर के स्थान प्राप्त करने में मदद मिलती है।

Off-Page SEO Activities क्या क्या हैं ?

ऑफ-पेज activity में बहुत सारे काम आते है जिस तरह घर को खरा रखने में उसकी पिलर महत्वपूर्ण है उसी तरह blog या website को गूगल के सर्च पेज पर अच्छे position पर रैंक करने में off page SEO activities बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान निभाती है जिससे back-link बनती है। किसी भी सर्च इंजन में अपने blog को रैंक करने के लिए बैक-लिंक होना बहुत जरूर होता है।

अब जानते है की ऑफ-पेज activities में कौन कौन से काम आती है।

Off-Page SEO कैसे करें - जानिये 10 आसान Steps में

1. Search Engine Submission

Blog या आर्टिकल Publish करने के बाद उसे सर्च इंजन submission साइट पर सबमिट करें।

2. Directory Submission

अच्छे quality यानी high DA और PA वाले साइट पर off-page Directory Submission करें।

3. Bookmarking

High PR वाले bookmarking साइट्स पर submit करे और क्वालिटी लिंक बनाये।

4. Blog Comment

अपने blog के topic से मिलता जुलता ब्लॉग पर कमेंट करें।

5. Forum Submission

बहुत ऐसे forum submission साइट्स है जहा पर questions सबमिशन कर के SEO back-link बना सकते हैं।

6. Question, Answering Site Submission

Question एंड Answering साइट्स चुने और अपने content से रिलेटेड जबाब देते रहें और ट्रैफिक पाते रहें।

7. Press Release Submission

Press Release submission site पSEO optimize content सबमिट

8. Guest Posting

Guest Posting साइट्स पर SEO ऑप्टिमाइज़ content पब्लिश करें और do-follow back-link बनाये।

9. Social Networking Site Submission

Social Networking Site पर ब्लॉग पोस्ट को share करते रहें क्यों की ये भी off page SEO का मुख्य भाग है

10. Article Submission

ये सारे काम ब्लॉग या वेबसाइट के लिए बैक-लिंक बनाने में मददगार होती है। अगर ये सारे एक्टिविटीज अपने ब्लॉग के niche से मिलता जुलता साइट पर हो तो उससे और जल्दी अपने blog page या post को गूगल में रैंक करने में हेल्प मिलती है।

तो आप जो भी off-page SEO activity करें तो ध्यान रखे की अपने ब्लॉग या वेबसाइट से मिलता जुलता theme या topic होना चाहिए।

Off Page SEO कैसे करें - समझे आसान भाषा में

Off Page SEO कैसे करें - अच्छे क्वालिटी का Off-Page SEO करने के लिए ऊपर गए टॉप 10 काम तो करना ही परता है लेकिन तत्कालीन कुछ काम ऐसे होते है जिसे करते ही आपके ब्लॉग पोस्ट जल्दी Google में Index हो जाता है जैसे ऑफ पेज SEO का पहला काम होता है की जैसे ही आपकी ब्लॉग की पोस्ट publish हो उसके बाद उसके लिंक को free search engine submission साइट में सबमिट कर देना चाहिए उसके बाद अपने Social networking sites पर शेयर करें।

इसके बाद अपने पोस्ट से सम्बंधित सवाल Quora.com पर खोज कर उसका जबाब दे और जबाब में अपने पोस्ट का लिंक targeted keyword पर लिंक करें ताकि उससे आपके पोस्ट पर ट्रैफिक आना शुरू हो जाए। इसके बाद बाकी कामो द्वारा बैक लिंक बनाने पर ध्यान दे।

1. Search Engine Submission

Search Engine Submission: जब आप अपना blog या आर्टिकल publish करने के बाद जो लिंक बनता है उस लिंक को मौजूदा सर्च इंजन submission साइट पर सबमिट किया जाता है ताकि वो जल्द जल्द बैक-लोक बने और गूगल का crawler उसे पढ़ कर अपने सच पेज पर इंडेक्स कर ले, जब अपने ब्लॉग पर किया गया पोस्ट गूगल में index हो जाए तब उस URL का हाइपर लिंक बना कर blog commenting और गेस्ट पोस्टिंग में इस्तेमाल किया जाता है।

इंटरनेट पर बहुत सारे high PR Search Engine Submission Sites उपलब्ध है जिसपर आप अपने ब्लॉग पोस्ट के URL को submit कर सकते है। ज्यादा नहीं, कम से कम 20 या 25 साइट पर भी सबमिट कर देंगे तो भी काम हो जायेगा।

अगर आप चाहे तो निचे दिए गए लिंक से best quality का high PR Search Engine Submission Sites list डाउनलोड कर सकते है।

Download High PR Search Engine Submission Sites list

2. Directory Submission

Directory Submission - जब हम अच्छे quality यानी high DA और PA वाले साइट पर अपने वेब पेज के URL को submit करते है तो गूगल इस लिंक को अच्छा मानते हुए अपने सर्च पेज position में बढ़ोतरी करता है। इसलिए कभी भी low quality directory साइट पर अपने ब्लॉग पोस्ट के URL को सबमिट नहीं करना चाहिए चाहे कितना भी टाइम लगे High PR Directory Submission Site खोजने में।

अगर आप थोड़ा invest कर सकते है तो बहुत से ऐसे डायरेक्टरी सबमिशन के साइट है जहा पर पेड सर्विस चलती है वह पर आप अपने साइट के लिंक को सबमिट कर के high quality back link बना सकते है।

ठीक वैसे ही कुछ साइट्स का मैंने लिस्ट तैयार किया हुआ है जिसे आप डाउनलोड कर के अपने इस्तेमाल में ला सकते है। निचे दिए गए लिंक से डाउनलोड करें।

Download High PR Directory Submission Sites list

3. Bookmarking Submission

Bookmarking Submission भी अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए बैक-लिंक बनाने का बहुत ही कारगर तरीका है लेकिन इसमें भी वही ध्यान रखना होता है की high pr वाले bookmarking साइट्स पर ही क्वालिटी लिंक बनाये।

ज्यादा लिंक बनाने के चाकर में कभी भी Low D.A या P.A वाले बुकमार्किंग साइट को न चुने। नहीं तो आपकी ब्लॉग की रैंकिंग बढ़ने के बजाये down हो सकता है उसके बाद उस पोस्ट को रैंक करने में बहुत ज्यादा काम करना पड़ेगा

इससे अच्छा है की पहले से ही थोड़ा ही सही लेकिन अच्छे साइट से बैक लिंक बनाये और धैर्य पूर्वक काम करें। निचे दिए गए लिंक से आप हाई क्वालिटी के bookmarking sites के लिस्ट को डाउनलोड कर सकते है।

Download High PR Bookmarking Submission Sites list

4. Blog Commenting

Blog Commenting से भी हाई क्वालिटी का back-लिंक बनता है लेकिन इसके लिए भी आपको वैसे ब्लॉग को चुनना होगा जिसका page-रैंक अच्छा हो और उस ब्लॉग पर कम से कम एक पोस्ट रोज होता हो तो वहां से क्वालिटी बैक-लिंक के साथ साथ ट्रैफिक भी अच्छी मिलेगी।

अगर आप अपने blog के topic से मिलता जुलता ब्लॉग पर कमेंट करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। उस ब्लॉग के रेगुलर विजिटर आपके ब्लॉग पर divert हो सकते है।

ब्लॉग कमेंटिंग करते समाये ये जरूर ध्यान रखे की आपका कमेंट spam नहीं होना चाहिए नहीं तो गूगल आपके साइट के रैंकिंग बहुत निचे गिरा सकता है।

जिस ब्लॉग पर hipper link लगाने की अनुमति हो वही पर अपने ब्लॉग का लिंक अपने कमेंट में लगाए और जहां पर अनुमति ना हो वहां पर जबरदस्ती न लगाए नहीं तो रैंकिंग में positive result के बजाये negative result का सामना करना पर सकता है।

5. Forum Submission

Forum Submission से भी high quality के back-link बनाये जाते है बहुत ऐसे forum submission साइट्स है जहा पर आप अपना अकाउंट बना कर questions सबमिशन कर सकते है वैसे साइट पर कुछ टाइम लगता है तब जा कर आप अपने ब्लॉग के लिंक को सिग्नेचर में इन्सर्ट कर सकते है।

निचे दिए गए लिंक से इसकी अधिकतम जानकारी ले सकते है।

6. Question, Answering Site Submission

बहुत ऐसे साइट्स है जहां पर अगर आप वह पर दिए गए question का answer देते है तो वह से आपको अच्छी खासी ट्रैफिक generate करने में हेल्प मिलती है। जैसे अभी Quora.com बहुत ही पॉपुलर क्वेश्चन आंसरिंग साइट है। इस तरह के बहुत ही साइट्स है जहां पर दिए गए प्रश्नो के उतर दे कर बैकलिंक और ट्रैफिक दोनों gain कर सकते है।

आप तो सभी साइट्स पर काम नहीं कर सकते है तो अपने लिए कम से कम Top 10 Question एंड Answering साइट्स चुने जिसपर हमेसा अपने पोस्ट रिलेटेड जबाब देते रहें और ट्रैफिक पाते रहें।

Download High PR Q and A Sites list

7. Press Release Submission

Press Release Submission क्या है ? - जब किसी हाई reputed company में कोई update होती है या कोई नया product या service launch किया जाता है तो उसकी जानकारी media यानी Press के माध्यम से public तक वो information पहुंचाई जाती है वो जो इंफोमशन होती है उसे हम text information के जरिये डिजिटल वर्ल्ड में internet पर Press Release submission site पर सबमिट कर के डिजिटली लोगो तक पहुंचाई जाती है जिसे हम press release submission कहते है।

Download High PR Press Release Submission Sites list

8. Guest Posting

Guest Posting के द्वारा high क्वालिटी का बैक-लिंक बनाया जाता है। अगर आप अपने ब्लॉग के क्वालिटी back-लिंक बनाना चाहते है तो सबसे पहले अपने ब्लॉग के साथ साथ अपने ब्लॉग पोस्ट को भी attractive बनाना होगा।

अगर आपका लिखने का तरीका अच्छा होगा और आप 100% ओरिजिनल कंटेंट लिखते है तो बहुत सारे blogger आपसे कांटेक्ट करके अपने ब्लॉग से बैक-लिंक देने के लिए तैयार हो जाते है।

बहुत ऐसे भी blogger है जो बिना किसी कंडीशन के अपने ब्लॉग पर लिंक दे देते है। आप अपने सब्जेक्ट से जुड़ी हुई ब्लॉगर से कांटेक्ट कर के उनसे बात करेंगे तो आपके ब्लॉग या वेबसाइट के अच्छी खासी बैक लिंक क्रिएट होगा जिससे आपके भी ब्लॉग का गूगल में रैंकिंग के साथ साथ DA और PA भी बढ़ेगा।

र What is Off Page SEO क्या हैं और कैसे करें in Hindi

दोस्तों, अगर आपको अभी तक Off Page SEO Kya Hai और इसको सही तरीके से कैसे करते है या इसका technique kya hai, इसमें कौन कौन से activities करना परता है जिससे blog या website का रैंकिंग और ट्रैफिक बढे तो आप सही blog post पर आये है।

यहाँ आपको off page SEO से जुडी हर वो tips and tricks की जानकारी मिलने वाली है जिसकी जरुरत एक beginners ब्लॉगर को अपने ब्लॉग को गूगल में रैंक करने के लिए चाहिए।

अगर आप एक बिगिनर्स blogger है और चाहते है की सही तरीके से ऑफ पेज SEO यानी Search Engine Optimization कर के अपने ब्लॉग को Google में अच्छे रैंक पर rank कराये तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढियेगा और लगे की इससे और लोगो बताना चाहिए तो अपने जितने भी सोशल ग्रुप है उसमे इसको शेयर जरूर कीजियेगा।

सबसे पहले ये जानते है की What is off page SEO in Hindi

Off Page SEO क्या है ? Meaning in Hindi

Off Page SEO क्या है ? - Blog या Website बनने या ब्लॉग पोस्ट करने के बाद ऑफ पेज SEO के माध्यम से दूसरे वेबसाइट या ब्लॉग से back-link बनाने की बिधि को off page SEO कहते है। जो की search engine में रैंकिंग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इस बिधि से अपने ब्लॉग के domain authority बढ़ने में मदद मिलती है।

Off Page SEO Meaning in Hindi : Off-Page SEO के जरिये अपने ब्लॉग पोस्ट के अनुकूल यानि targeted keywords से जो लोग ज्यादा गूगल पर खोजते है उससे प्रासंगिक वेब पेज में लिंक जोड़ते है जिससे सर्च इंजन में सबसे ऊपर के स्थान प्राप्त करने में मदद मिलती है।

Off-Page SEO Activities क्या क्या हैं ?

ऑफ-पेज activity में बहुत सारे काम आते है जिस तरह घर को खरा रखने में उसकी पिलर महत्वपूर्ण है उसी तरह blog या website को गूगल के सर्च पेज पर अच्छे position पर रैंक करने में off page SEO activities बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान निभाती है जिससे back-link बनती है। किसी भी सर्च इंजन में अपने blog को रैंक करने के लिए बैक-लिंक होना बहुत जरूर होता है।

अब जानते है की ऑफ-पेज activities में कौन कौन से काम आती है।

Off-Page SEO कैसे करें - जानिये 10 आसान Steps में

1. Search Engine Submission

Blog या आर्टिकल Publish करने के बाद उसे सर्च इंजन submission साइट पर सबमिट करें।

2. Directory Submission

अच्छे quality यानी high DA और PA वाले साइट पर off-page Directory Submission करें।

3. Bookmarking

High PR वाले bookmarking साइट्स पर submit करे और क्वालिटी लिंक बनाये।

4. Blog Comment

अपने blog के topic से मिलता जुलता ब्लॉग पर कमेंट करें।

5. Forum Submission

बहुत ऐसे forum submission साइट्स है जहा पर questions सबमिशन कर के SEO back-link बना सकते हैं।

6. Question, Answering Site Submission

Question एंड Answering साइट्स चुने और अपने content से रिलेटेड जबाब देते रहें और ट्रैफिक पाते रहें।

7. Press Release Submission

Press Release submission site पSEO optimize content सबमिट

8. Guest Posting

Guest Posting साइट्स पर SEO ऑप्टिमाइज़ content पब्लिश करें और do-follow back-link बनाये।

9. Social Networking Site Submission

Social Networking Site पर ब्लॉग पोस्ट को share करते रहें क्यों की ये भी off page SEO का मुख्य भाग है

10. Article Submission

ये सारे काम ब्लॉग या वेबसाइट के लिए बैक-लिंक बनाने में मददगार होती है। अगर ये सारे एक्टिविटीज अपने ब्लॉग के niche से मिलता जुलता साइट पर हो तो उससे और जल्दी अपने blog page या post को गूगल में रैंक करने में हेल्प मिलती है।

तो आप जो भी off-page SEO activity करें तो ध्यान रखे की अपने ब्लॉग या वेबसाइट से मिलता जुलता theme या topic होना चाहिए।

Off Page SEO कैसे करें - समझे आसान भाषा में

Off Page SEO कैसे करें - अच्छे क्वालिटी का Off-Page SEO करने के लिए ऊपर गए टॉप 10 काम तो करना ही परता है लेकिन तत्कालीन कुछ काम ऐसे होते है जिसे करते ही आपके ब्लॉग पोस्ट जल्दी Google में Index हो जाता है जैसे ऑफ पेज SEO का पहला काम होता है की जैसे ही आपकी ब्लॉग की पोस्ट publish हो उसके बाद उसके लिंक को free search engine submission साइट में सबमिट कर देना चाहिए उसके बाद अपने Social networking sites पर शेयर करें।

इसके बाद अपने पोस्ट से सम्बंधित सवाल Quora.com पर खोज कर उसका जबाब दे और जबाब में अपने पोस्ट का लिंक targeted keyword पर लिंक करें ताकि उससे आपके पोस्ट पर ट्रैफिक आना शुरू हो जाए। इसके बाद बाकी कामो द्वारा बैक लिंक बनाने पर ध्यान दे।

1. Search Engine Submission

Search Engine Submission: जब आप अपना blog या आर्टिकल publish करने के बाद जो लिंक बनता है उस लिंक को मौजूदा सर्च इंजन submission साइट पर सबमिट किया जाता है ताकि वो जल्द जल्द बैक-लोक बने और गूगल का crawler उसे पढ़ कर अपने सच पेज पर इंडेक्स कर ले, जब अपने ब्लॉग पर किया गया पोस्ट गूगल में index हो जाए तब उस URL का हाइपर लिंक बना कर blog commenting और गेस्ट पोस्टिंग में इस्तेमाल किया जाता है।

इंटरनेट पर बहुत सारे high PR Search Engine Submission Sites उपलब्ध है जिसपर आप अपने ब्लॉग पोस्ट के URL को submit कर सकते है। ज्यादा नहीं, कम से कम 20 या 25 साइट पर भी सबमिट कर देंगे तो भी काम हो जायेगा।

अगर आप चाहे तो निचे दिए गए लिंक से best quality का high PR Search Engine Submission Sites list डाउनलोड कर सकते है।

Download High PR Search Engine Submission Sites list

2. Directory Submission

Directory Submission - जब हम अच्छे quality यानी high DA और PA वाले साइट पर अपने वेब पेज के URL को submit करते है तो गूगल इस लिंक को अच्छा मानते हुए अपने सर्च पेज position में बढ़ोतरी करता है। इसलिए कभी भी low quality directory साइट पर अपने ब्लॉग पोस्ट के URL को सबमिट नहीं करना चाहिए चाहे कितना भी टाइम लगे High PR Directory Submission Site खोजने में।

अगर आप थोड़ा invest कर सकते है तो बहुत से ऐसे डायरेक्टरी सबमिशन के साइट है जहा पर पेड सर्विस चलती है वह पर आप अपने साइट के लिंक को सबमिट कर के high quality back link बना सकते है।

ठीक वैसे ही कुछ साइट्स का मैंने लिस्ट तैयार किया हुआ है जिसे आप डाउनलोड कर के अपने इस्तेमाल में ला सकते है। निचे दिए गए लिंक से डाउनलोड करें।

Download High PR Directory Submission Sites list

3. Bookmarking Submission

Bookmarking Submission भी अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए बैक-लिंक बनाने का बहुत ही कारगर तरीका है लेकिन इसमें भी वही ध्यान रखना होता है की high pr वाले bookmarking साइट्स पर ही क्वालिटी लिंक बनाये।

ज्यादा लिंक बनाने के चाकर में कभी भी Low D.A या P.A वाले बुकमार्किंग साइट को न चुने। नहीं तो आपकी ब्लॉग की रैंकिंग बढ़ने के बजाये down हो सकता है उसके बाद उस पोस्ट को रैंक करने में बहुत ज्यादा काम करना पड़ेगा

इससे अच्छा है की पहले से ही थोड़ा ही सही लेकिन अच्छे साइट से बैक लिंक बनाये और धैर्य पूर्वक काम करें। निचे दिए गए लिंक से आप हाई क्वालिटी के bookmarking sites के लिस्ट को डाउनलोड कर सकते है।

Download High PR Bookmarking Submission Sites list

4. Blog Commenting

Blog Commenting से भी हाई क्वालिटी का back-लिंक बनता है लेकिन इसके लिए भी आपको वैसे ब्लॉग को चुनना होगा जिसका page-रैंक अच्छा हो और उस ब्लॉग पर कम से कम एक पोस्ट रोज होता हो तो वहां से क्वालिटी बैक-लिंक के साथ साथ ट्रैफिक भी अच्छी मिलेगी।

अगर आप अपने blog के topic से मिलता जुलता ब्लॉग पर कमेंट करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। उस ब्लॉग के रेगुलर विजिटर आपके ब्लॉग पर divert हो सकते है।

ब्लॉग कमेंटिंग करते समाये ये जरूर ध्यान रखे की आपका कमेंट spam नहीं होना चाहिए नहीं तो गूगल आपके साइट के रैंकिंग बहुत निचे गिरा सकता है।

जिस ब्लॉग पर hipper link लगाने की अनुमति हो वही पर अपने ब्लॉग का लिंक अपने कमेंट में लगाए और जहां पर अनुमति ना हो वहां पर जबरदस्ती न लगाए नहीं तो रैंकिंग में positive result के बजाये negative result का सामना करना पर सकता है।

5. Forum Submission

Forum Submission से भी high quality के back-link बनाये जाते है बहुत ऐसे forum submission साइट्स है जहा पर आप अपना अकाउंट बना कर questions सबमिशन कर सकते है वैसे साइट पर कुछ टाइम लगता है तब जा कर आप अपने ब्लॉग के लिंक को सिग्नेचर में इन्सर्ट कर सकते है।

निचे दिए गए लिंक से इसकी अधिकतम जानकारी ले सकते है।

6. Question, Answering Site Submission

बहुत ऐसे साइट्स है जहां पर अगर आप वह पर दिए गए question का answer देते है तो वह से आपको अच्छी खासी ट्रैफिक generate करने में हेल्प मिलती है। जैसे अभी Quora.com बहुत ही पॉपुलर क्वेश्चन आंसरिंग साइट है। इस तरह के बहुत ही साइट्स है जहां पर दिए गए प्रश्नो के उतर दे कर बैकलिंक और ट्रैफिक दोनों gain कर सकते है।

आप तो सभी साइट्स पर काम नहीं कर सकते है तो अपने लिए कम से कम Top 10 Question एंड Answering साइट्स चुने जिसपर हमेसा अपने पोस्ट रिलेटेड जबाब देते रहें और ट्रैफिक पाते रहें।

Download High PR Q and A Sites list

7. Press Release Submission

Press Release Submission क्या है ? - जब किसी हाई reputed company में कोई update होती है या कोई नया product या service launch किया जाता है तो उसकी जानकारी media यानी Press के माध्यम से public तक वो information पहुंचाई जाती है वो जो इंफोमशन होती है उसे हम text information के जरिये डिजिटल वर्ल्ड में internet पर Press Release submission site पर सबमिट कर के डिजिटली लोगो तक पहुंचाई जाती है जिसे हम press release submission कहते है।

Download High PR Press Release Submission Sites list

8. Guest Posting

Guest Posting के द्वारा high क्वालिटी का बैक-लिंक बनाया जाता है। अगर आप अपने ब्लॉग के क्वालिटी back-लिंक बनाना चाहते है तो सबसे पहले अपने ब्लॉग के साथ साथ अपने ब्लॉग पोस्ट को भी attractive बनाना होगा।

अगर आपका लिखने का तरीका अच्छा होगा और आप 100% ओरिजिनल कंटेंट लिखते है तो बहुत सारे blogger आपसे कांटेक्ट करके अपने ब्लॉग से बैक-लिंक देने के लिए तैयार हो जाते है।

बहुत ऐसे भी blogger है जो बिना किसी कंडीशन के अपने ब्लॉग पर लिंक दे देते है। आप अपने सब्जेक्ट से जुड़ी हुई ब्लॉगर से कांटेक्ट कर के उनसे बात करेंगे तो आपके ब्लॉग या वेबसाइट के अच्छी खासी बैक लिंक क्रिएट होगा जिससे आपके भी ब्लॉग का गूगल में रैंकिंग के साथ साथ DA और PA भी बढ़ेगा।

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Other News India
https://avalanches.com/in/jalna_in_shizz_b_fashion_walk_2023_official_media_partner_is_iimm_news_delh6119567_20_01_2023
https://avalanches.com/in/jalna_in_shizz_b_fashion_walk_2023_official_media_partner_is_iimm_news_delh6119567_20_01_2023

In Shizz B fashion walk 2023 Official Media Partner is IIMM NEWS Delhi.

Shizz B Cosmetic India Pvt Ltd started this company is started by Geeta Dagar and its operation on 23 March 2022. Shizz B organised around 9 events of the fashion show. One of the programs is organized on 9 jan 2023 in Golden Galaxy resort Faridabad Haryana. In this fashion show Bollywood Actress Vindhya Tiwari came as a bollywood celebrity guest. She shared the life experience of how she came into the Bollywood line from TV screen to Multiplex. Instagram Influncer khushi Shaikh came as a celebrity guest khushi shaikh given a Stage Make up by Kavita Sheoran and Khushi Shaikh also showed some dance moves in Fashion walk 2023. Ruchika Dhingra Arora came as a VIP guest and jury member. Sagar Chaudhary came as a VIP Guest Sagar Chaudhary also worked in ZERO films by SRK and Disney Hotstar IILLU Series.Amit Jain Bollywood Singer from Meerut has come to ShizzB Program and sang a song Gulabi Ankhen. Shizz B got their 1 runner up Miss Haryana 2023 named Babita Malik. Shizz B 2 runner up Mrs Haryana Neha Shizz B winner Mrs Haryana Shikha verma.


some details of Shizz B

Shizz B is a new approach towards redefining beauty in the skin & makeup industry. We started by hoping Mother Nature and design intuitive and uncomplicated natural products you can live with. Our game-changing products, 100% pure and herbal-based, are designed to get back flawless skin and beauty without using harmful chemicals.

Before the launching, our in-house team used Shizz B products for months and shared their personal experience with the research & development team. Then the R&D team worked on those feedbacks and made necessary changes in the product composition considering the specific requirements of all genders and age groups. This sample testing helps us to make a final product for you that gives the desired result and revives your inner beauty.

We, at Shizz B, oppose the thought of judging people according to the norms of society’s stereotypes. Instead, we designed Shizz B for inspiring souls like you who don’t loan themselves to the society’s benchmark of being beautiful and ideal. The one who knows his/her brain and never hesitates to introduce themselves the way they are. That’s why, Shizz B skincare essentials are developed in a way that makes you look and feel glowy, dewy best before you even think about makeup. Also, our makeup products are designed to add glow and sparkle to your real look and not cover you up or turn you into someone else.

Shizz B Vision

We, at Shizz B, are building the future beauty company where everything we make is for you. Because our vision is to give you back, ‘REAL YOU’.

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Rising Need for Treated Water Augmenting Wood Vinegar Consumption


For more insides:- https://www.psmarketresearch.com/market-analysis/wood-vinegar-market


Wood vinegar or wood acid or pyroligneous acid is a dark liquid, which is derived from charcoal. It is obtained by heating biomass in a closed container. The smoke generated during charcoal production is cooled into a liquid and then separated into bio-oil, tar, and wood vinegar. The dark liquid is a combination of nearly 80–90% water and over 200 organic compounds, such as acetic acid, esters, formic acid, ketones, methanol, and phenol.


Moreover, the increasing implementation of government initiatives regarding bio-based products will also ensure the large-scale adoption of wood vinegar for wastewater treatment, food, animal husbandry, wood tar, and agriculture applications. In the recent past, the agriculture sector has emerged as the largest consumer of wood vinegar due to the enormous use of bio-based fertilizers and pesticides to increase productivity. For instance, the Ministry of New and Renewable Energy, Government of India, has launched several programs in recent times to promote the use of biomass materials and bio-based products, such as wood vinegar.


The manufacturing segment of the wood vinegar market is categorized into slow paralysis, fast and intermediate pyrolysis, and others. Under this segment, the slow pyrolysis category is expected to account for the largest market share during the forecast period as slow pyrolysis provides a better yield of wood vinegar, char, and other products than other manufacturing processes. In comparison to other processes, slow pyrolysis exhibits a longer vapor resistance time and slower heating rate.


In recent years, wood vinegar producers, such as TAGROW CO. LTD., Nakashima Trading Co. Ltd., Ace (Singapore) Pte Ltd., Canada Renewable Bioenergy Corporation, Byron Biochar, and Nettenergy BV, have engaged in technological advancements to develop better and improved pyrolysis kiln methods to produce char, biochar, and wood vinegar. Additionally, the advanced pyrolysis methods help enhance the production process of wood vinegar and reduce the total manufacturing process. Further, the producers are also focusing on involving poverty-ridden people in wood vinegar production processes as the material is majorly produced in villages by using local resources and feedstock.


Geographically, the Asia-Pacific (APAC) region held the largest share in the wood vinegar market in 2015. This was on account of the presence of a vast base of end users and the existence of a large number of local producers in the region. Moreover, the surging need for clean water, owing to the booming population, will also create a huge requirement for wood vinegar in the coming years. For instance, the World Bank states that the population of India surged from 1.353 billion in 2018 to 1.366 billion in 2019.


Thus, the escalating need for treated water and surging government focus on using bio-based products will fuel the consumption of wood vinegar globally.


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Education is the most powerful weapon you can use to change the world and the most effective way to break out of the cycle of poverty. Yet, millions of children remain out-of-school in India. Before the COVID-19 crisis, 6 million children were out of school. When the pandemic struck, school closures impacted the education of 247 children enrolled in elementary and secondary schools. These children are not only deprived of their right to receive a quality education, but they lose their childhood by being pushed into child labour and early marriages.

The government, through the Right to Education Act, 2009, has been making its way in enrolling and retaining children in school, especially from the marginalized sector. However, any progress made had been hampered by the pandemic. While online education replaced regular classes, students from vulnerable communities without access to smartphones and the internet were left behind. Two years of school closures in India resulted in a huge learning gap.

The Power of NGOs

Whenever there is a major imbalance, NGOs exist to balance the see-saw in times of crises. NGOs like Oxfam India play a significant role in ensuring that every child, especially those from vulnerable communities, receive the opportunity to build a better future through education. Organisations such as Oxfam India, Save the Children, World Vision, UNICEF, Cry etc in India work at the grass-root level to strengthen the education system, spread awareness about the importance of education and enrol as many children as possible so they can thrive in life.

Oxfam India is an NGO that works in states such as Uttar Pradesh, Jharkhand and Odisha to send the most vulnerable and underprivileged children back to school and empower them to break the cycle of poverty. As well as ensure that the education of children from such communities continues in the midst of the pandemic.

NGO works through contributions and you too can support an NGO and change a child's life forever. While supporting a cause, your donation is eligible up to 50% tax benefit under Section 80G of the Income Tax Act. When you donate to an NGO like Oxfam India, you help in the following ways:

Enrolment

NGOs work towards identifying the most vulnerable children in the poorest states of India. Due to unaccessibility and poverty and in times of humanitarian crisis - children miss out on school. Oxfam India helps enrol children in school under the Right to Education Act (RTE), and ensure that children who have dropped out of school as a result of the pandemic, are re-enrolled in school. As of September 2022, 1081 children have been re-enrolled in school as schools across the country start to re-open.

Awareness and Counselling

Through workshops and various activities, awareness is generated amongst parents and local communities about the importance of education. Oxfam India also conducts regular counselling sessions to encourage parents to send their children especially girls to school and help them participate in various activities


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Digital Servo Press Market Size, Global Industry Growth, Statistics, Revenue Analysis to 2030

According to this report, Digital Servo Press Market research is an intelligence report with meticulous efforts undertaken to study the right and valuable information. The data which has been looked upon is done considering both, the existing top players and the upcoming competitors. Business strategies of the key players and the new entering market industries are studied in detail. The report provides an extensive study of the market for the forecast period of 2023-2030.

Digital Servo Press Market is growing at a High CAGR during the forecast period 2023-2030. The increasing interest of the individuals in this industry is that the major reason for the expansion of this market.

Market Segment Analysis:

The report is segmented based on the type of product, application, and region. The authors of the report have evaluated detailed geography for each segment. Each type provides information about the production during the forecast period of 2023 to 2030. The application segment also provides consumption during the forecast period of 2023 to 2030. The segments are studied based on their market share, revenue, regional growth, cost and revenue analysis, and other vital factors. The segmentation study identifies high-growth portions of the Digital Servo Press Market.

Get Access to sample Report Pages @ https://marketreporthub.com/sample.php?id=02627

Market Segmentation

  • Type
  • Less than 100KN
  • 100KN - 200KN
  • More than 200KN
  • Motor Type
  • Positional Rotation
  • Continuous Rotation
  • Linear
  • Application
  • Automotive
  • Motor and Electronic Industry
  • Aerospace
  • Others (Medical Equipment, Robotics, etc.)
  • Distribution Channel
  • Direct
  • Indirect

NOTE: Our report highlights the major issues and hazards that companies might come across due to the unprecedented outbreak of COVID-19.

Check For Instant Discount @ https://marketreporthub.com/discount.php?id=02627

Companies Profiled

  • Dai-ichi Dentsu Ltd.
  • Hoden Seimitsu Kako Kenkyusho Co.,Ltd.
  • AMADA MACHINE TOOLS CO., LTD.
  • Promess Incorporated
  • Sanyo Machine Works Ltd
  • C&M Robotics Co, .Ltd.
  • Stamtec, Inc.
  • Komatsu America Industries LLC
  • Coretec, Inc.
  • Janome Industrial Equipment.

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What is Covered in the Chapter of Impact of COVID-19 Pandemic?

The coronavirus pandemic has disrupted the market dynamics, as it had imposed the restriction on the opening of offices and manufacturing facilities. This, in turn, has persuaded employees to work from home and halted the production of goods across the globe. Moreover, it had increased the gap between demand and supply owing to the restricted trade affairs around the world. However, it has created lucrative opportunities for the key players in certain regions.

Various factors are responsible for the market’s growth trajectory, which are studied at length in the report. In addition, the report lists down the restraints that are posing threat to the Digital Servo Press Market. It also gauges the bargaining power of suppliers and buyers, threat from new entrants and product substitute, and the degree of competition prevailing in the market. The influence of the latest government guidelines is also analyzed in detail in the report. It studies the Digital Servo Press Market’s trajectory between forecast periods.

Promising Regions & Countries Mentioned in Digital Servo Press Market Report:

  • North America (United States, Canada, Mexico)
  • South America (Brazil, Argentina, Columbia, Chile, Peru)
  • Europe (Germany, UK, France, Italy, Russia, Spain, Netherlands, Turkey, Switzerland)
  • Middle East & Africa (GCC, North Africa, South Africa)
  • Asia-Pacific (China, Southeast Asia, India, Japan, Korea)

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The market analysis offers market share, demand, and supply ratio, supply chain analysis, and import/export details.

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تصوّف (Mysticism) روحانیت کی اصطلاح ہے۔ فرد کے روحانی تجربے کو ’’تصوّف‘‘ کہتے ہیں۔

ڈاکٹر سراج احمد مصباحی


تصوّف کے بارے میں کہا جاتا ہے کہ یہ صاحبِ حال کے تجربے میں آتا ہے۔ شریعت وہ عمرانی قوانین ہوتے ہیں جن کے تجربے میں تمام انسان شامل ہیں لیکن صوفی کے حال میں دوسرا شخص شامل نہیں۔ یہ فرد کی مکمل تنہائی کا تجربہ ہے، جو ناقابلِ بیان ہے، یعنی اس تجربے کا ابلاغ (Communication) نہیں ہوسکتا۔ کیوں کہ ’’ابلاغ‘‘ عمرانی عمل ہے۔

پیغمبر بھی صوفی ہوتا ہے لیکن وہ تنہائی کے روحانی تجربے کے بعد واپس عمرانیات (معاشرہ) میں آتا ہے۔ جب کہ صوفی روحانی تنہائی میں ہی رُک جاتا ہے۔

مسیحی تصوف میں ’’فلاطینوس‘‘ کو بنیادی حیثیت حاصل ہے جب کہ مشرقی تصوف میں علامہ ابنِ عربی نے ’’وحدت الوجود‘‘ اور اس کے بعد مجدد الف ثانی نے ’’وحدت الشہود‘‘ کا نظریہ پیش کیا۔

تصوّف کا لفظ ’’صوف‘‘ سے مشتق ہے، جس کے معنی ہیں ’’اُون کا کھردرا لباس۔‘‘ یہ لباس عیسائی راہب پہنتے تھے۔ ان کی تقلید میں مسلمان زُہاد بھی یہی لباس پہننے لگے۔

مشرقی تصوف کی پرورش خراسان میں ہوئی جو بدھ مت کا بڑا مرکز تھا۔ تصوف خراسان سے عراق اور مصر میں پھیلا۔ بارہویں صدی عیسوی میں صوفیا کے فرقے قادریہ، سہروردیہ، چشتیہ، شاذلیہ اور نقش بندیہ مشہور ہوئے۔ زیادہ تر صوفیا نے جذب و مستی، وجد و حال اور زاویہ نشینی کو صوفی کے لیے لازمی قرار دیا۔ کشف، اشراق، حلول، سریان، تجلی، وصل، جذب، وجد، حال، قال، حسنِ ازل، عشقِ حقیقی، عشقِ مجازی اور حبس دم، تصوف ہی کی اصطلاحیں ہیں۔ (پروفیسر انور جمال کی تصنیف “ادبی اصطلاحات” مطبوعہ نیشنل بُک فاؤنڈیشن، صفحہ نمبر 75 سے انتخاب)

گذشتہ ماہ مارچ 2016ء میں شیخ الاسلام ڈاکٹر محمد طاہرالقادری آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کی خصوصی دعوت پر عالمی صوفی کانفرنس میں خصوصی شرکت اور کلیدی خطاب کے لئے بھارت تشریف لے گئے۔ آپ نے کانفرنس میں دہشت گردی و انتہاء پسندی کے اسباب، اس ناسور کا حل اور صوفیاء کی تعلیمات کے حوالے سے علمی و فکری خطاب ارشاد فرمایا۔ اس خطاب کا پہلا حصہ مئی 2016ء کے شمارہ میں شائع ہوچکا ہے جس میں آپ نے دہشت گردی کے عوامل، ان کے تدارک اور لفظ ’’تصوف‘‘ اور ’’صوفی‘‘ کے مادہ ہائے اشتقاق اور معنوی تشبہ و صفاتی تتبع پر تفصیلی اظہار خیال فرمایا۔ اس علمی و فکری خطاب کا آخری حصہ نذرِ قارئین ہے:

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لفظ ’’تصوف‘‘ اور ’’صوفی‘‘ قرآن مجید کی روشنی میں

لفظ ’’تصوف‘‘ اور ’’صوفی‘‘ کے مادہ ہائے اشتقاق اور معنوی تشبہ و صفاتی تتبع جاننے کے بعد آیئے اب قرآن مجید سے لفظِ تصوف کی اصل تلاش کرتے ہیں۔ وہ لوگ جو کم علمی اور کتب کا عمیق مطالعہ نہ کرنے کے باعث سمجھتے ہیں کہ تصوف دین میں نہیں ہے یا صوفیاء کا طرز، اسلام میں نہیں ہے، وہ توجہ کریں اور جان لیں کہ تصوف کا مکمل مشرب اور اسوہ قرآن، سنتِ رسول صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم ، سنت انبیاء اور سنتِ اصحاب صفہ سے ہے۔

لفظ ’’صوفی‘‘ اور ’’تصوف‘‘ کی اصل قرآن مجید میں بھی ہے۔ لفظِ ’’تصوف‘‘ کا ایک مادہ اشتقاق الصَّف سے ہے جو صَفَا، صَفْوًا سے ہے۔ الصَّفْ قطار میں کندھے سے کندھا ملا کر کھڑے ہونے کو کہتے ہیں۔ کسی کے لیے خالص ہوجانے کو صفوًا کہتے ہیں۔ منیٰ میں جانوروں کی قربانی کے حوالے سے قرآن مجید میں اللہ رب العزت نے ارشاد فرمایا:

وَالْبُدْنَ جَعَلْنٰـهَا لَکُمْ مِّنْ شَعَآئِرِ اﷲِ لَکُمْ فِيْهَا خَيْرٌ فَاذْکُرُوا اسْمَ اﷲِ عَلَيْهَا صَوَآفَّ.

’’اور قربانی کے بڑے جانوروں (یعنی اونٹ اور گائے وغیرہ) کو ہم نے تمہارے لیے اﷲ کی نشانیوں میں سے بنا دیا ہے ان میں تمہارے لیے بھلائی ہے پس تم (انہیں) قطار میں کھڑا کرکے (نیزہ مار کر نحر کے وقت) ان پر اﷲ کا نام لو‘‘

(الحج، 22: 36)

اس آیت مبارکہ کے مطابق نذر ہونے سے پہلے اللہ کے حضور ایک صف میں کھڑے ہو جانے والوں کو صَوَآفَّ کہتے ہیں۔

حضرت ابو موسیٰ اشعری رحمۃ اللہ علیہ، امام حسن بصری رحمۃ اللہ علیہ، حضرت مجاہد رحمۃ اللہ علیہ اور زید بن اسلم رحمۃ اللہ علیہ نے قرآن کے اس لفظ صَوَآفَّ کو دوسری قرات میں صَوَافِيَ پڑھا جو صَافِيَہ کی جمع ہے۔ اسی سے ’’صوفی‘‘ مشتق ہے کہ صوفیاء وہ لوگ ہیں جو اپنی زندگی اللہ کے حضور نذر کر دیتے ہیں اور ان کے دل ایک صف میں جڑ کر مولا کے رُخ اور چہرے کے سامنے کھڑے رہتے ہیں۔ دن ہو یا رات، تھکن ہو یا راحت، کاروبار ہو یا ریاضت و مجاہدہ اُن کے دلوں پر کبھی غفلت نہیں آتی۔ جنہیں یہ حضوری مل جائے اور صفِ اول کی حاضری نصیب ہو جائے، ایسا دل رکھنے والوں کو صوفی اور ایسے طرزِ زندگی کو تصوف کہتے ہیں۔

• لغت میں صَفَا کا ایک معنیٰ یہ ہے کہ جنگ میں فتح کی صورت میں ملنے والا وہ مال غنیمت جو بادشاہ تقسیم سے پہلے اپنے لیے چن لیتا ہے، اُس کو الصَّفِی کہتے ہیں، یہ صَفَا سے ہے۔ بادشاہ دوسروں کا حصہ نہیں مارتا، چونکہ بادشاہ ہونے کی حیثیت سے اس کا بھی حصہ ہوتا ہے لہذا وہ اپنا حصہ لیتا ہے، لیکن دوسروں سے پہلے لے لیتا ہے۔

ٍ پس اس معنی کی رو سے جو مال بادشاہ چن لے وہ الصَّفِی کہلاتا ہے اور دلوں کا جو حصہ کائنات کا بادشاہ اپنے لیے چن لے اُس کو صوفی کہتے ہیں۔ گویا جنہیں اللہ چُن لے وہ صوفی کہلاتے ہیں۔ بالفاظِ دیگر صوفی چُنے ہوئے لوگ ہوتے ہیں اور جو صوفیاء کو نہیں مانتے وہ دھتکارے ہوئے لوگ ہوتے ہیں۔ اللہ جسے چن لیتا ہے ان کے نام کے چرچے چہار دانگِ عالم میں ہوجاتے ہیں اور دنیا اُن میں سے کسی کو خواجہ معین الدین اجمیری رحمۃ اللہ علیہ، کسی کو محبوبِ الٰہی رحمۃ اللہ علیہ، کسی کو غوث الاعظم رحمۃ اللہ علیہ، کسی کو شہاب الدین سہروردی رحمۃ اللہ علیہ، کسی کو شیخ احمد الرفاعی رحمۃ اللہ علیہ اور کسی کو ابو الحسن شاذلی رحمۃ اللہ علیہ کے نام سے جانتی اور پکارتی ہے۔ بات چُننے اور رد ہو جانے کی ہے۔ جو چُنے جاتے ہیں وہ صوفی ہو جاتے ہیں اور جو رد کر دیے جاتے ہیں وہ صوفیوں کے منکر کہلاتے ہیں۔

لفظ ’’تصوف‘‘ اور ’’صوفی‘‘ حدیث مبارکہ کی روشنی میں

قرآن مجید سے صوفی اور تصوف کی اصل اور اس کا مفہوم جاننے کے بعد آیئے اب حدیث مبارکہ سے اس کی اصل تلاش کرتے ہیں:

• کسی غزوہ میں دو صحابی اکٹھے شہید ہوگئے۔ ایک صحابی کا نام عبد اﷲ بن عمرو بن حرام رحمۃ اللہ علیہ تھا اور دوسرے صحابی کا نام حضرت عمرو بن جموح رحمۃ اللہ علیہ تھا۔آقا علیہ السلام کی بارگاہ میں دونوں کے جسد لائے گئے۔ آقا علیہ السلام نے فرمایا:

ادفنوهما فی قبر واحد، فإنهما کانا متصافيين فی الدنيا.

’’ان دونوں کو ایک ہی قبر میں اکٹھا دفن کر دو، دنیا میں یہ دونوں صوفی تھے‘‘۔

(ابن ابی شيبه، المصنف، 7: 367، رقم: 36757)

یعنی یہ دونوں اہل صفاء تھے۔ ان دونوں کا طرزِ عمل ایسا تھا کہ صوفی و صافی تھے۔ ان کے دلوں میں کدورت، رنجش اور غبار نہیں تھا۔ پس جن کے دلوں سے کدورت کا غبار نکل جائے اُس کو صوفی و صافی کہتے ہیں اور اسی طبقے کو صوفیاء کہتے ہیں۔ یہ لوگ کسی پر فتوے نہیں لگاتے۔ اُن کے دلوں میں چونکہ غبار نہیں ہے اس لیے انہیں فتوؤں کا بخار نہیں ہے۔ فتوؤں کا بخار اُنہی کو ہوتا ہے جن کے دل میں غبار ہوتا ہے۔ صوفیاء نہ غبار والے ہوتے ہیں اور نہ بخار والے ہوتے ہیں بلکہ وہ صرف پیار والے ہوتے ہیں۔ اس لئے کہ تصوف پیار پھیلانے کا نام ہے۔۔۔ محبت عام کرنے کا نام ہے۔۔۔ تواضع، عاجزی اور انکساری عام کرنے کا نام ہے۔۔۔ تصوف گردن میں اکڑ نہیں لاتا بلکہ گردن کو نیچے کرتا ہے۔۔۔ تصوف بچاتا ہے، لڑاتا نہیں۔۔۔ تصوف ملاتا ہے، ڈراتا نہیں۔۔۔

آقا علیہ السلام نے اس حدیث مبارکہ میں متصافیین کا لفظ استعمال فرمایا۔ گویا اس حدیث میں تصوف کا لفظ زبانِ مصطفی a سے ادا ہوا۔ کیا اب بھی تصوف پر خارج از اسلام یا خارج از تعلیماتِ مصطفی صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم ہونے کا اعتراض کیا جاسکتا ہے؟

• ایک اور حدیث مبارکہ تصوف اور صوفی کا معنیٰ واضح کرتی ہے کہ صوفی کون ہوتے ہیں؟ حضرت ابو مالک الاشعری رحمۃ اللہ علیہ سے روایت ہے کہ آقا علیہ السلام نے فرمایا:

يا أيهاالناس اسمعوا واعلقوا واعلموا أن ﷲ عبادًا ليسوا بأنبياء ولا شهداء، يغبطهم الانبياء والشهداء علی مجالسهم وقربهم من اﷲ انعتهم لنا.

’’لوگو! میری بات سنو سمجھ اور جان لو! میری امت میں کچھ اللہ کے بندے ایسے بھی ہوں گے جو نہ تو نبی ہوں گے، نہ شہید ہوں گے مگر اللہ تعالیٰ انہیں اپنی مجلس اور قرب میں قیامت کے دن عرش کے اردگرد اس طرح قریب کر کے بٹھائے گا کہ انبیاء اور شہداء کو بھی ان پر رشک آئے گا‘‘۔

آقا علیہ السلام کی یہ بات سن کر ایک صحابی کھڑے ہو گئے اور عرض کرنے لگے یا رسول اللہ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم! نبی اور شہید نہ ہونے کے باوجود اللہ کے قرب و حضور میں اس طرح بٹھائے جانے والے وہ لوگ کون ہوں گے؟ اس کا جواب دیتے ہوئے حضور علیہ السلام نے فرمایا:

هم ناس من أفناء الناس ونوازع القبائل لم تصل بينهم أرحام متقاربة.

’’میری امت میں مختلف علاقوں، مختلف ملکوں، مختلف قبیلوں، مختلف معاشروں کے یہ لوگ وہ ہوں گے کہ ان کے درمیان کوئی خونی رشتہ نہیں ہوگا۔‘‘ مگر

تحابوا فی اﷲ وتصافوا.

’’وہ اللہ کی مخلوق سے آپس میں اللہ کے لیے محبت کریں گے اور اُن کے دل صوفی و صافی ہوں گے۔‘‘

یعنی ان کے دلوں میں کوئی کدورت نہیں ہوگی۔ یاد رکھیں! سارا تصوف دلوں کی کدورتوں کو ختم کر دینے کا نام ہے۔۔۔ تصوف دلوں کی رنجش مٹا دینے کا نام ہے۔۔۔ تصوف دلوں کی تنگ نظری کو وسعت میں بدل دینے کا نام ہے۔۔۔ تصوف تکبر کو مٹا کر تواضع لانے کا نام ہے۔۔۔ تصوف بخیلی، کنجوسی ختم کر کے سخاوت لانے کا نام ہے۔۔۔ تصوف نفرت مٹا کر محبت لانے کا نام ہے۔۔۔ تصوف تفرقے مٹا کر وحدت کرنے کا نام ہے۔۔۔ تصوف نفرت کا بخار مٹا کر محبت و پیار لانے کا نام ہے۔۔۔

پھر آپ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلمنے فرمایا:

يضع الله لهم يوم القيامة منابر من نور فيجلسهم عليها فيجعل وجوه هم نورا وثيابهم نورا يفزع الناس يوم القيامة ولا يفزعون.

اللہ انہیں قیامت کے دن نور کے منبروں پر بٹھائے گا۔ ان کے چہرے اور لباس منور ہوں گے۔ یہ وہ لوگ ہیں کہ جب لوگ ڈر رہے ہوں گے، انہیں ڈر نہیں ہوگا۔

وهم أولياء اﷲ الذين لا خوف عليهم ولا هم يحزنون.

(نسائی، السنن، 6: 362، رقم: 11236)

’’یہی صوفیاء و اولیاء ہوں گے جنہیں نہ کوئی خوف ہوگا اور نہ وہ غمگین ہوں گے۔‘‘

گویا صافی دل رکھنے والے اولیاء اللہ اور صوفی سب کے خیرخواہ ہوتے ہیں۔ ان کے دل صاف اور کشادہ ہوتے ہیں، ان کے دلوں میں فراخی، سخاوت، شفقت، رحمت اور وسعت ہوتی ہے۔

• ایک اور حدیث میں بھی آپ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے یہی الفاظ استعمال فرمائے۔ ارشاد فرمایا:

متحابون بجلال اﷲ، وتصافوا فيه، وتزاوروا فيه، وتباذلوا فيه.

’’یہ وہ لوگ ہوں گے جو اللہ کی خاطر محبت عام کریں گے، ان میں صفائے قلب ہوگی، ایک دوسرے کی ملاقات اور زیارت کے لیے جائیں گے اور ایک دوسرے پر خرچ کریں گے، یعنی سخی ہوں گے۔‘‘

(هندی، کنزالعمال، 9: 8، رقم: 24703)

اس حدیث مبارکہ کو ذہن میں رکھتے ہوئے اگر ہم اپنے اردگرد نظر دوڑائیں تو ہمیں معلوم ہوتا ہے کہ آج تک زیارت پر جانے کا سلسلہ کسی اور کے لیے نہیں ہے بلکہ صرف ولیوں اور صوفیوں کے لیے ہی ہے۔ آج تک کسی نے نہیں سنا کہ کوئی کسی غیرِ صوفی کی زیارت کرنے جاتا ہے۔ کوئی بھی شخص غیرِ صوفی اور غیرِ ولی کی زیارت کے لیے نہیں جاتا۔ آقا علیہ السلام نے زیارت کے لئے جانے کو صوفیاء سے مختص فرمایا اور چودہ صدیوں سے آج تک یہی سلسلہ جاری و ساری ہے۔

• حضرت عبداللہ بن مسعود رضی اللہ عنہ سے روایت ہے کہ آقا علیہ السلام نے ملک شام کے لئے فرمایا:

أتدری ما يقول اﷲ فی الشام؟ إن اﷲ يقول: يا شام! أنت صَفْوَتِيْ من بلادي.

’’جانتے ہو کہ اللہ نے شام کے بارے میں کیا کہا؟ (پھر آقا علیہ السلام نے خود جواب دیا:) بے شک اﷲ تعالیٰ فرماتا ہے: اے شام! تو میرے شہروں میں سے میرا منتخب شہر ہے۔‘‘

(هيثمی، مجمع الزوائد، 10: 58)

ملک شام کو آقا صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے صوفی، صافی منتخب شہر قرار دیا۔

• عرباض بن ساریہ رضی اللہ عنہ روایت کرتے ہیں کہ آقا علیہ السلام نے فرمایا:

إني أختار لک الشام، فإنه خيرة المسلمين وصَفْوَة اﷲ من بلادهِ، يجتبی إليها صَفْوَتَهُ من خلقهِ.

گویا شہروں میں سے صَفْوَۃ سے مراد شام اور بندوں میں سے صَفْوَۃ سے مراد صوفیاء ہیں۔ جو اس ملک میں مقیم ہوں گے۔ صفوۃ سے مراد صوفی اس لئے کہ اسی ملک شام کے حوالے سے آپ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے فرمایا کہ اسی ملک سے چالیس ابدال ہوں گے۔

(طبرانی، المعجم الکبير، 18: 251، رقم: 627)

صوفیاء کے رُوحانی مراحل

تصوف مرحلہ در مرحلہ سفر کرنے کا نام ہے۔ اس سفر کو سلوک اور مسافر کو سالک کہتے ہیں۔ گویا صوفی سفر کرتا رہتا ہے، جامد نہیں رہتا۔ایک سالک/ صوفی درج ذیل روحانی مراحل سے گزرتا ہے:

1. تَزْکِيَة:

پہلا مرحلہ تزکیہ ہے۔ یہ نفس کا سفر ہے۔ اس میں حیوانی خصلتیں، روحانی خصلتوں میں بدل جاتی ہیں۔ حیوانی خصلتوں کے نتیجہ میں قتل و غارت گری اور دہشت گردی جنم لیتی ہے لیکن جب تزکیہ نفس سے روحانی خصلت آجاتی ہے تو پیار، محبت اور برداشت کے رویے جنم لیتے ہیں۔ گویا سلوک و تصوف کے پہلے سفر کا آغاز بھی اَمن ہی سے ہوتا ہے۔

2. تَصْفِيَة:

دوسرا مرحلہ تصفیہ ہے۔ تصفیہ دل کا سفر ہے۔ اس سفر میں دل صاف ہوجاتا ہے اور دنیا کے تمام اَفکار اور رنج و غم کے زنگار سے آزاد ہو جاتا ہے۔

3. تَخْلِيَة:

تیسرا مرحلہ باطن کا سفر ہے، اس کو تخلیہ کہتے ہیں۔ تخلیہ میں بندہ اپنے باطن سے نہ صرف ہر غیر کو نکال دیتا ہے بلکہ ماسوی اﷲ کی خواہش سے بھی دل کو پاک کر لیتا ہے۔ یہ خلوت ہے۔ یہ مرحلہ دل کو خلوت کدہ بنا دیتا ہے اور انسان زبانِ حال سے پکار اٹھتاہے:

ہر تمنا دل سے رُخصت ہوگئی

اب تو آجا، اب تو خلوت ہوگئی

گویا دل کو محبوبِ حقیقی کا خلوت کدہ بنا دینا تخلیہ ہے۔

4. تَحْلِيَة:

سلوک و تصوف کی راہ میں چوتھا مرحلہ تحلیہ ہے۔ اس مرحلہ میں سالک/ صوفی اپنے اِنسانی اَوصاف سے نکل جاتا ہے اور ربانی اَوصاف میں داخل ہو جاتا ہے۔ سالک جو جو صفات رب کی دیکھتا ہے، اس کی اپنی وہ صفت ہٹتی جاتی ہے اور رب کی صفت کا رنگ اس پر چڑھتا جاتا ہے۔ اس کو تحلیہ کہتے ہیں۔ یہ حِلیہ سے ہے۔ حِلیہ زیور کو بھی کہتے ہیں۔ جب زیور دلہن کو پہناتے ہیں تو اُس کا دلہن ہونا چمک اٹھتا ہے۔ اسی طرح جب رب کے اوصاف کا رنگ صوفی پر چڑھتا ہے تو اس کا باطن چمک اٹھتا ہے اور جس کا قلب صاف ہو جائے، چمک جائے، وہ ولی ہوتا ہے۔

رب جس طرح ہر ایک کی پرورش کرتا ہے، اس مرحلہ میں صوفی بھی اسی وصف کا فیض لیتے ہوئے ہر ایک کو پالتا ہے۔ رب جیسے ہر ایک کو دیتا ہے، اُسی طرح صوفی بھی لینے والا نہیں ہوتا بلکہ دینے والا ہوتا ہے۔ صوفی مانگتا نہیں بلکہ بانٹتا ہے۔ صوفی عطا کرنے والا، بے نیاز اور پیار و محبت کو بانٹنے والا ہوتا ہے۔ اس لئے کہ وہ تحلیہ کے ذریعے رب کے اوصاف میں رنگا جاتا ہے۔

5. تَجْلِيَة:

ربانی اوصاف میں رنگنے کے بعد صوفی/ سالک پانچویں مرحلہ تجلیہ میں داخل ہوجاتا ہے۔ اس مرحلہ میں بندے کے قلب و باطن پر اَنوار و تجلیات کا ورود ہوتا ہے۔ بندہ فرشی ہوتا ہے مگر اَنوار و تجلیات کے ورود سے من اور باطن میں عرشی بن جاتا ہے۔ یعنی فرش پر رہ کر عرش پر رہتا ہے۔

6. اَلتَّدَلِّی:

صوفی چھٹا مرحلہ اَلتَّدَلِّی میں داخل ہوتا ہے۔ یہ مقام عروج ہے۔ صوفی عروج پر جاتا ہے اور اِس مرحلے میں اسے اللہ کی قربتِ خاصہ نصیب ہو جاتی ہے۔ اس مقام پر صوفی کو دَنٰی فَتَدَلّٰی کا فیض ملتا ہے۔

7. اَلتَّدَنِّی:

صوفی دَنٰی فَتَدَلّٰیکا فیض سمیٹنے کے بعد ساتویں مرحلہ اَلتَّدَنِّی میں داخل ہوتا ہے۔ بعض تَدَانِی بھی لکھتے ہیں۔ اس مقام پر اُس کی مقربیت کامل ہو جاتی ہے اور بارگاہ الٰہی میں اُس کی قربت کا سفر بھی تکمیل کو جا پہنچتا ہے۔ گویا اس مقام پر اسے قَابَ قَوْسَيْنِ اَوْ اَدْنٰی کافیض ملتا ہے۔

8. اَلتَّرَقِّی:

تدنی کے بعد صوفی الترقی کے مرحلہ میں داخل ہوتا ہے۔ اس مرحلہ میں ہر لمحہ اُس کا حال اور مقام بدلتا رہتا ہے۔ اس مرحلہ میں وہ ایک جگہ پر نہیں رہتا بلکہ قربِ الٰہی، عشقِ الٰہی، محبتِ الٰہی، اطاعتِ الٰہی اور معرفتِ الٰہی میں ہر لمحہ اُس کا مقام اور حال بدلتا ہے اور ترقی پذیر رہتا ہے۔ پھر اُس کو کوئی تھام نہیں سکتا۔ ہر لمحہ اُس کے تنقلِ اَحوال (بدلتے رہنا) کی وجہ سے اس عالم کو ترقی کہتے ہیں یعنی اب وہ ترقی کے راستے پر گامزن ہے۔

9. اَلتَّلَقِّی:

اس روحانی سفر میں مراحل طے کرتے کرتے صوفی اپنے نویں مرحلہ اَلتَّلَقِّی میں داخل ہوتا ہے۔ جہاں وہ براہِ راست رب سے سنتا ہے اور اُس کی عطا، کشف اور اِلہامات لیتا ہے۔ نتیجتاً صوفی کی زبان سے حق بولتا ہے، اُس کے دل سے حق نکلتا ہے۔ وہ تلقی یعنی براہِ راست رب سے اخذ کرتا ہے۔

10. اَلتَّوَلِّی:

اس مرحلہ سفر میں بندہ رب سے سب کچھ وصول کر کے اپنے آپ میں پلٹ آتا ہے۔ اس آخری مرحلہ کو اَلتَّوَلِّی کہتے ہیں۔ اس مرحلہ میں رب اُس کا متولی ہو جاتا ہے۔ رب اُس کے ہاتھ بن جاتا ہے جس سے وہ پکڑتا ہے۔۔۔ رب اُس کی زبان بن جاتا ہے جس سے وہ بولتا ہے۔۔۔ رب اُس کی آنکھ بن جاتا ہے جس سے وہ دیکھتا ہے۔۔۔ رب اُس کے کان بن جاتا ہے جس سے وہ سنتا ہے۔۔۔ رب اُس کا دل بن جاتا ہے جس سے وہ چاہتا ہے۔۔۔ الغرض وہ مکمل طور پر رب کی نگرانی میں آجاتا ہے۔

ان سارے مقامات میں کہیں ہمیں غیض و غضب نظر نہیں آیا۔ ان سارے دس اسفار میں کہیں غصہ، نفرت، سختی نہیں آئی بلکہ ہر وقت سفر سوئے جمال ہے۔ سفر بسوئے رحمت ہے، سفر بسوئے قربت ہے۔ یاد رکھ لیں جو مولیٰ کے قریب ہو جاتے ہیں اور جو اس کی قربت کا مزہ چکھ لیتے ہیں، قربت کے تالاب سے پی لیتے ہیں وہ اوروں کو بھی قریب کرتے ہیں۔ چونکہ خود قربت کا لطف لیتے ہیں سو ہر ایک کو قریب کرتے ہیں اور دوریاں مٹا دیتے ہیں۔جو لوگ خود جڑ جاتے ہیں وہ اللہ کی ساری مخلوق کو جوڑے رکھتے ہیں۔

روحانیت کے تین وسائط

اس سارے روحانی سفر میں تین وسائط tools استعمال ہوتے ہیں:

1. شریعت

2. طریقت

3. حقیقت

• شریعت: زندگی میں اِعتدال کا نام شریعت ہے۔

• طریقت: اپنے نفس سے اِنفصال کا نام طریقت ہے۔

• حقیقت: محبوب سے اِتصال کا نام حقیقت ہے۔

بالفاظِ دیگر:

• شریعت: راہِ حق پر عمل پیرا ہونے کا نام ہے۔

• طریقت: خود سے جدا ہو جانے کا نام ہے۔

• حقیقت: واصلِ خدا ہو جانے کا نام ہے۔

صوفی جب درج بالا روحانی مراحل سے گزرتا ہے اور تین وسائطِ روحانیت کو اختیار کرتا ہے تو یہ سلوک و تصوف اَخلاق کو عمدگی دیتا ہے۔۔۔ حوصلوں کو بلندی دیتا ہے۔۔۔ ارادوں کو پختگی دیتا ہے۔۔۔ معاملات کو درستگی دیتا ہے۔۔۔ مایوسیوں کو ختم کرتا ہے۔۔۔ یقین اور اعتماد کو استحکام دیتا ہے۔۔۔ اَعمال کو طہارت دیتا ہے۔۔۔ اَحوال کو عظمت دیتا ہے۔۔۔ اور مقامات کو سکونت دیتا ہے۔

صوفیاء کا جداگانہ ’’قال، حال، عمل‘‘

تصوف جس میں بس جائے اُس کی زندگی کا حال بدل جاتا ہے۔ اُس کا مقال (بولنے کا انداز) بدل جاتا ہے۔ اُس کے برتاؤ کے طریقے بدل جاتے ہیں۔ صوفی کی بولی عام لوگوں کی بولیوں سے کتنی مختلف ہوجاتی ہے۔ آیئے تاریخ کے اوراق سے اسے سمجھتے ہیں:

جب چنگیز خان اور ہلاکو خان کی فوجیں بغداد کو تاخت و تاراج کررہی تھیں، قتل و غارت گری تھی، خون بہایا جارہا تھا، اُس وقت کی بات ہے کہ ایک خراسانی بزرگ جو سلسلہ عالیہ قادریہ سے نسبت رکھتے تھے، اشارہء غیبی کے تحت ہلاکو خان کے بیٹے تگودار خان کو دعوتِ اسلام دینے کے لیے تشریف لائے۔ وہ شکار سے واپس آ رہا تھا۔ اپنے محل کے دروازے پر ایک درویش کو دیکھ کر اس نے ازراہِ تمسخر پوچھا:

’’اے درویش، تمہاری داڑھی کے بال اچھے ہیں یا میرے کتے کی دم‘‘؟

اس بیہودہ سوال پر آپ قطعاً برہم نہ ہوئے۔ بڑے تحمل سے فرمایا:

’’اگر میں جانثاری اور وفاداری سے اپنے مالک کی خوشنودی حاصل کر لوں تو میر داڑھی کے بال اچھے ہیں، ورنہ کے کتے کی دم اچھی ہے جو آپ کی فرمانبرداری کرتا ہے اور آپ کے لیے شکار کی خدمت انجام دیتا ہے‘‘۔

تگودار خان اس غیرمتوقع جواب سے بہت متاثر ہوا اور آپ کو مہمان کی حیثیت سے ٹھہرایا اور آپ کی تبلیغ سے درپردہ اسلام قبول کر لیا۔

تگودار خان کا سوال انتہائی سخت تھا، اگر یہ سوال کسی خشک اور انتہا پسند ملّا سے کر دیں تو وہ تو سر پھوڑ دیتا، جھگڑا ہوتا اور شہید ہو جاتا۔ مگر صوفیاء کے رنگ ڈھنگ الگ ہوتے ہیں، ان کے بات کرنے کے طریقے اور فہم و مقام بدل جاتا ہے۔ صوفی جب بات کرتا ہے تو دلوں کی کایا پلٹ دیتا ہے۔ اس لیے کہ وہ سختی سے نہیں بلکہ نگاہ سے اور محبت و پیار کی زبان سے احوال بدلتا ہے اور یہی تصوف ہے۔

صوفی کس طرح حال بدلتا ہے؟

صوفی کس طرح حال بدلتا ہے؟ صوفی کا شعار اور روش کیا ہے جس سے پتہ چلے کہ صوفی کون ہے؟ صوفیاء کے امام ابو عبد الرحمن السلمی رحمۃ اللہ علیہ (امام قشیری رحمۃ اللہ علیہ کے شیخ، حضور داتا گنج بخش علی ہجویری رحمۃ اللہ علیہ کے دادا شیخ) اپنی کتاب الفتوۃ میں صوفیاء کی روشِ زندگی اور لوگوں کے ساتھ معاملہ کرنے کے حوالے سے فرماتے ہیں:

ابوبکر الحلبی نے روایت کیا کہ ہم حضرت شیخ معروف کرخی رحمۃ اللہ علیہ کے ساتھ دریائے دجلہ کے کنارے بیٹھے تھے کہ اچانک وہاں سے کچھ نوجوان گزرے جو گانا بجانا کر رہے تھے، شراب پی رہے تھے، ناچ کود کر رہے تھے۔ حضرت معروف کرخی رحمۃ اللہ علیہ کے مریدوں کو غصہ آگیا اور کہنے لگے کہ ’’حضرت! ہاتھ اٹھا کر ان ظالموں کے لیے بددعا کیجئے۔ یہ نوجوان آپ کے سامنے شراب پی رہے ہیں اور ناچ گانا کر رہے ہیں۔ انہیں ادب اور حیا نہیں۔ ان کے لیے بد دعا کیجئے‘‘۔ حضرت معروف کرخی رحمۃ اللہ علیہ نے اپنے ہاتھ اٹھائے اور دعا کی:

إلٰهی وسيدی! أسئلک أن تفرحهم فی الآخرة کما فرحتهم فی الدنيا.

’’اے میرے مالک! ان کو آخرت میں بھی اسی طرح خوش رکھنا جس طرح دنیا میں خوش رکھا ہوا ہے‘‘۔

(السلمی، کتاب الفتوة: 60)

مریدوں نے جب یہ کلمات سنے تو ان کے دل بیٹھ گئے۔ انہوں نے کہا: حضور ہم نے بددعا کے لیے درخواست کی تھی کہ ان کا خاتمہ ہو جائے اور وہ برباد ہو جائیں لیکن آپ نے دعا دے دی۔ حضرت معروف کرخی رحمۃ اللہ علیہ مسکرا پڑے اور فرمایا: آخرت میں یہ اُسی صورت خوش ہوں گے جب دنیا میں اپنے ان احوال سے توبہ کرلیں گے اور اس کی جانب رجوع کریں گے۔ پس اگر اُس نے انہیں آخرت میں خوش رکھنے کا فیصلہ کر لیا تو انہیں دنیا میں توبہ کی توفیق دے گا اور ان کی توبہ ہو جائے گی۔

گویا صوفی ہر ایک کی توبہ، بخشش اور مغفرت کی فکر کرتا ہے۔ صوفی فنا کرنے کی بات نہیں کرتا بلکہ صوفی بقا دینے کی بات کرتا ہے۔

• صوفی کا طرزِ عمل کیا ہوتا ہے؟ علامہ ابن الجوزی رحمۃ اللہ علیہ سلوۃ الاحزان میں بیان کرتے ہیں کہ صوفیاء کے امام اور امام اعظم کے ساتھی اور معاصر حضرت امام سفیان ثوری رحمۃ اللہ علیہ دریائے دجلہ پر غسل کے لیے گئے۔ جمعہ کا دن تھا۔ کپڑے اتار کر رکھے اور غسل لینے لگے۔ اچانک ایک چور آیا اور آپ کے کپڑے لے اڑا۔ جب غسل کے بعد آپ نکلے تو کپڑے غائب تھے۔ پریشان بیٹھے ہی تھے کہ چور کپڑے لے کر واپس آگیا۔ اُس نے آپ کو کپڑے دیے اور کہا کہ میرا دایاں ہاتھ جس سے کپڑے چرائے تھے وہ فالج زدہ ہو گیا ہے۔ آپ نے ہاتھ اٹھائے اور دعا کی: میرے مولیٰ! جس طرح تو نے میرے کپڑے واپس فرما دیے ہیں اس طرح اس چور کے ہاتھ کی صحت بھی واپس کر دے۔ آپ کی دعا سے اس کا ہاتھ صحت مند ہوگیا۔

پس صوفی چوری کو نہیں دیکھتے بلکہ اُس کی پریشانی کو دیکھتے ہیں۔ یہ وہ انداز ہے جس انداز کے ذریعے صوفیاء مخلوقِ خدا کے ساتھ معاملات کرتے ہیں۔ ان کا بولنا، کرنا اور ہر معاملہ دوسرے لوگوں سے جدا ہوتا ہے۔

صوفیاء کا منفرد فہم و ادراک

صوفیاء کا نہ صرف قال، حال اور عمل منفرد ہوتا ہے بلکہ ان کا فہم و اِدراک بھی جدا ہوتا ہے۔ وہ حقائق و واقعات سے الگ معانی اخذ کرتے ہیں۔ ایسے معانی اخذ کرتے ہیں جو دوسرے لوگوں کی سمجھ میں نہیں آتے۔ صفائے قلب اور تطہیرِ باطن کے بعد اُن کے اَذہان و اَفہام، قلوب و اَفکار اور توجہات بدل جاتی ہیں۔ وہ ہر شے میں ذاتِ حق کو دیکھتے ہیں۔ اللہ کی بارگاہ سے جڑے رہتے ہیں، اُن کی توجہ رب کی طرف مرکوز رہتی ہے۔ وہ صرف رب کو تلاش کرتے ہیں اور ہر شے میں اُسی رب کو پاتے ہیں۔ اس وجہ سے وہ ہمیشہ امن اور شانتی میں رہتے ہیں۔

یہ بات توجہ طلب ہے کہ غیر کا دھیان چونکہ دل میں غبار اور آلودگی لاتا ہے، لہذا وہ اس غبار کو ختم کرتے ہیں۔ اگر مولیٰ کا دھیان رہے اور غیر کا غبار نہ رہے تو اُس سے دل کو سکون اور قرار آتا ہے۔ سکون و قرار سے بندے میں سدھار آتا ہے۔ سدھار سے آسودگی آتی ہے۔ آسودگی ملے تو دل میں رب کا پیار آتا ہے۔ طبیعت میں آہنکار (تکبر و انانیت) نہیں رہتا بلکہ پیار اور اِنکسار آتا ہے۔ پھر شانتی آتی ہے۔ انسان کا وہار (behaviour) بدل جاتا ہے۔ بندے کا کردار بدل جاتا ہے اور اگر خدا سے تعلق اور پیار نہ ہو، دل خدا سے نہ جڑے تو پھر وِیوہار (سلوک، اَخلاق) اَہنکار (غرور اور تکبر) کے ذریعے بدل کر دُر وِیوہار (بد سلوک، بد اَخلاق) ہو جاتا ہے۔ اَہنکار (غرور اور تکبر) بندے کو دُر وِیوہار (بد سلوکی، بد اَخلاقی) دے دیتا ہے۔ تصوف آجائے تو بندہ نیک وِیوہار (حسنِ سلوک، خوش اَخلاقی) کا مالک ہوتا ہے۔ اگر تصوف نکل جائے تو بندہ دُر وِیوہار (بد سلوکی، بد اَخلاقی) کا مالک ہوتا ہے۔ یہ صوفی واد کا طریقہ ہے۔ صوفی واد پہ چلو گے تو پھر آتنک واد (دہشت گردی) ختم ہوگی۔ صوفی ازم اور روحانیت پر عمل پیرا ہونے سے ہی رویے بدلیں گے۔

• صوفیاء ہر شے سے اپنے یار کی بات کو نکالتے ہیں۔ ہر آواز سے اپنے مولیٰ کو دیکھتے سنتے ہیں۔ امام ابن زروق المالکی نے لکھا کہ مولیٰ علی شیر خدا رضی اللہ عنہ کے ہمراہ کچھ اور صحابہ تھے۔ آپ نے ناقوس (ایک ساز) کی آواز سنی، تو فرمایا:

أتدرون ما يقول؟

’’تمہیں معلوم ہے یہ آواز کیا کہہ رہی ہے‘‘؟

انہوں نے کہا: معلوم نہیں، کسی کو سمجھ نہیں آئی۔ مولیٰ علی المرتضیٰ رضی اللہ عنہ نے فرمایا: یہ کہہ رہا ہے:

سبحان اﷲ حقًا حقا، إن المولیٰ صمد يبقٰی.

’’اللہ پاک ہے، وہ حق ہے، بے شک مولیٰ بے نیاز اور ہمیشہ رہنے والا ہے‘‘۔

ہر کوئی اُس کو ساز سمجھ رہا ہے مگر مولیٰ علی کے کان اُس کو یار کی آواز سمجھ رہے ہیں۔ گویا تصوف و روحانیت میں ذہن، آواز، سننے اور بولنے کا رنگ ڈھنگ بدل جاتا ہے۔

• حضرت شیخ ابوبکر شبلی رحمۃ اللہ علیہ ایک چشمے کے پاس سے گزرے۔ وہاں ایک سقہ (پانی پلانے والا ساقی) پانی پلا رہا تھا۔ ایک بھیڑ اس کے پاس کھڑی تھی، اُس نے آواز دی کہ سارے پی چکے:

ما بقی إلا واحدٌ.

’’اب صرف ایک بچا ہے‘‘۔

وہ بات کسی اور کی کر رہا تھا کہ صرف ایک رہ گیا ہے جس نے پانی پینا ہے۔ حضرت ابو بکر شبلی رحمۃ اللہ علیہ نے جب یہ جملہ سنا تو آپ کی چیخ نکل گئی، آپ وجد میں آگئے اور کہا:

هل کان إلّا واحد؟

’’اگر سوائے ایک کے کوئی نہیں بچا تو کیا اُس ایک کے سوا بھی کوئی تھا‘‘؟

گویا بات کہیں کی ہوتی ہے، صوفی اس بات کو اپنے یار کی طرف لے جاتا ہے۔ وہ خیر کی بات سے محبت اور محبوبِ حقیقی کی بات نکالتا ہے۔

• صوفیاء آقا صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم کی اس سنت سے اپنے لئے راہِ عمل لیتے ہیں کہ ایک دفعہ آپ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے ایک بکری ذبح کی۔ حضرت عائشہ صدیقہ رضی اللہ عنہا فرماتی ہیں کہ حضور صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے مجھ سے پوچھا کہ کیا سارا گوشت تقسیم کر دیا؟ میں نے عرض کی: آقا! صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم سارا تقسیم کر دیا صرف ایک ران/دستی اپنے لئے بچائی ہے۔ آپ نے فرمایا: جو تقسیم کردیا گیا وہ بچ گیا اور جو رہ گیا ہے وہ باقی نہیں بچا‘‘۔

ہماری سوچ یہ ہے کہ ہمارے نزدیک جو دے دیا جائے وہ چلا جاتا ہے، جو بچا لیا جائے اُس کو کہتے ہیں کہ بچ گیا۔ صوفیاء کے ہاں یہ ہے کہ جو دے دیا جائے وہ بچ جاتا ہے اور جو رکھ لیا جائے وہ چلا جاتا ہے۔

پیغام

صوفی کا دل تنگ نہیں ہوتا بلکہ سمندروں سے زیادہ وسیع ہوتا ہے۔ صوفی بارش سے کہیں زیادہ سخی ہوتا ہے۔ ساری کائنات صوفی کے دل کی وسعت کا مقابلہ نہیں کر سکتی۔ اس لیے کہ صوفی کا دل اتنا وسیع ہے کہ اس میں خدا سما جاتا ہے۔ آئیے اس طرزِ عمل کو اپنائیں۔ صوفیاء کی ان تعلیمات کو عام کریں۔ صوفیاء کی انہی تعلیمات کو عام کرنے سے ہمارے روّیے، نظریے اور برتاؤ بدلیں گے۔

صوفیاء کے اسی روّیے کو اپنانے سے peaceful coexistence آئے گی۔ ISIS کا مقابلہ ہوگا۔ داعش اس دور کے سب سے بڑے دہشت گرد اور خوارج ہیں۔ وہ مسلمانوں کی نسلوں کو امریکہ، یورپ، عرب، عجم میں متاثر کر رہے ہیں۔ آقا e نے ISIS کے بارے میں پندرہ سو سال پہلے بتا دیا تھا۔ کل کتب حدیث میں ہے اور شارحین ائمہ قسطلانی، ابن بطال، امام عسقلانی، عینی، قرطبی، قاضی عیاض ہر ایک محدث نے اسے بیان کیا۔ حضرت علی کرم اللہ وجہہ الکریم سے روایت ہے کہ حضور نبی اکرم صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے مسجد نبوی میں بیٹھ کر عراق کے صحرا کی طرف اشارہ کیا اور فرمایا: عراق کی طرف سے ایک شیطانی گروہ اٹھے گا:

إِذَا رَاَيْتُمُ الرَّايَاتِ السُّودَ، فَالْزَمُوا الْاَرْضَ فَلَا تُحَرِّکُوا اَيْدِيَکُمْ، وَلَا اَرْجُلَکُمْ. ثُمَّ يَظْهَرُ قَوْمٌ ضُعَفَاءُ لَا يُؤْبَهُ لَهُمْ، قُلُوبُهُمْ کَزُبَرِ الْـحَدِيدِ، هُمْ اَصْحَابُ الدَّوْلَةِ، لَا يَفُونَ بِعَهْدٍ وَلَا مِيثَاقٍ، يَدْعُونَ إِلَی الْـحَقِّ وَلَيْسُوا مِنْ اَهْلِهِ، اَسْمَـاؤُهُمُ الْکُنٰی، وَنِسْبَتُهُمُ الْقُرٰی، وَشُعُورُهُمْ مُرْخَاةٌ کَشُعُورِ النِّسَاءِ، حَتّٰی يَخْتَلِفُوا فِيمَا بَيْنَهُمْ، ثُمَّ يُؤْتِی اﷲُ الْـحَقَّ مَنْ يَشَاءُ.

(نعيم بن حماد المروزی، کتاب الفتن، 1: 210، رقم:573)

’’جب تم سیاہ جھنڈوں کو دیکھو (کہ ایک لشکر سیاہ رنگ کے جھنڈے اٹھائے ہوئے ہے They [ISIS Kharijites] would have black flags as their group identity) تو جہاں پر ہو وہیں ٹھہر جاؤ اور کوئی اقدام نہ کرو، اس کے بعد ایک دہشت گرد گروپ ظاہر ہوگا۔ جس کے افراد شروع میں کچھ کم ہوں گے یا کمزور نظر آئیں گے تاکہ کوئی ان پر توجہ نہ دے (یعنی اسے امن انسانیت کے لیے بڑا خطرہ نہیں سمجھیں گے، وہ اپنی پوری افرادی قوت کو شروع میں ایک دم ظاہر نہیں کریں گے۔ یہ ان کی عسکری حکمت عملی ہوگی پھر تدریجاً ان کی قوت بڑھتی جائے گی۔ لوگ آ آکر ملتے جائیں گے اور یوں ان کے لشکر کی تعداد خاصی بڑھ جائے گی)۔ ان کے دل لوہے کے بڑے بڑے ٹکڑوں کی طرح سخت ہوں گے (یعنی انتہائی بے رحم اور سفاک ہوں گے)۔ وہ اصحاب الدولہ کہلوائیں گے۔ (یعنی Islamic State کے دعوے دار ہوں گے۔ They would claim to be the founders of Islamic State. داعش کا معنی کیا ہے؟ دولة الإسلامية فی العراق والشام اس سے داعش بنا ہے۔) وہ کسی قول اور عہد و پیمان کے پابند نہیں ہوں گے، ظاہراً حق کی دعوت دیں گے لیکن حقیقت میں (اَہلِ حق) میں سے نہیں ہوں گے۔ ان کے نام، ان کی کنیت اور ان کی نسبت ان کے شہروں کی طرف ہوگی اور خواتین کی طرح ان کے بال لمبے لمبے اور گھنے ہوں گے یہاں تک کہ ان کے درمیان اختلاف پیدا ہو جائے گا۔ اس کے بعد اللہ تعالی اہل حق میں سے جس کو چاہے گا ظاہر کرے گا‘‘۔

دوسری حدیث مبارکہ میں ہے کہ یہ لوگ شام میں داخل ہوں گے۔ شام پر قبضہ کریں گے۔ شام میں civil war کے ذریعے تقسیم کریں گے۔ عراق کو برباد کریں گے۔ حتیٰ کہ شام کے لوگ اپنا ملک چھوڑ کر مہاجر ہو جائیں گے۔

عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ اَبِی ذَرٍّ عَنِ النَّبِیِّ قَالَ: اَوَّلُ الْـخَرَابِ بِمِصْرَ وَالْعِرَاقِ، فَإِذَا بَلَغَ الْبِنَاءُ لِسَلْعٍ فَعَلَيْکَ يَا أَبَا ذَرٍّ بِالشَّامِ. قُلْتُ: وَإِنْ أَخْرَجُونِی مِنْهَا؟ قَالَ: انْسَقْ لَهُمْ أَيْنَ سَاقُوکَ.

’’حضرت قتادہ حضرت ابوذر سے روایت کرتے ہیں کہ حضور نبی اکرم صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے فرمایا کہ سب سے پہلی خرابی مصر اور عراق میں پیدا ہوگی پس جب یہ خرابی سلع (مدینہ میں موجود ایک چھوٹی پہاڑی) تک پہنچ جائے تو اے ابوذر شام چلے جانا۔ حضرت ابوذر نے عرض کیا کہ اگر انہوں نے مجھے شام سے بھی نکال دیا تو؟ آپ صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم نے فرمایا کہ پھر اُدھر چلے جانا جس طرح وہ تمہیں بھیجیں‘‘۔

(نعيم بن حماد المروزی، کتاب الفتن، 1: 248، رقم: 710)

ایک اور مقام پر فرمایا: پوری دنیا سے نوجوان، گرے ہوئے لوگ مفرور، ناسمجھ بچے عرب بھی اور غیر عرب بھی دوڑ کر اس داعش کے فتنہ میں شامل ہوں گے۔ حدیث مبارکہ کے الفاظ ہیں: مُرَّاقُ الْآفَاقِ۔

(نعيم بن حماد المروزی، کتاب الفتن، 1: 212، رقم: 570)

’’پوری دنیا سے بھاگ بھاگ کے نوجوان اس فتنے میں شامل ہوں گے‘‘۔ فرمایا: ’’یہ فتنہ ہر عرب غیر عرب کے گھر میں داخل ہو جائے گا۔ خوف و ہراس ہر سمت طاری ہو جائے گا۔ یہ فتنہ کفر کا فتنہ ہو گا‘‘۔

آقا صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم کے اس فرمان کی روشنی میں آج ہم یہ اعلان کرتے ہیں کہ ISIS کا فتنہ کفر ہے۔ اس کا اسلام، عالم اسلام اور امت مسلمہ کے ساتھ کوئی تعلق نہیں ہے۔ اس کے خلاف جنگ لڑنا اور اس کی جڑوں تک کو کاٹ دینا حکمِ محمدی صلیٰ اللہ علیہ وآلہ وسلم ہے اور یہی اسلام کی تعلیمات ہیں۔ یہ عالمی فتنہ ہے۔ ریاستیں اور حکومتیں مل کر اِس عالمی فتنے کا خاتمہ کریں۔ اس پر مل جل کر ایک پالیسی اختیار کی جائے۔ تصوف کی تعلیمات کو عام کیا جائے۔ ذہن بدلنے کے لیے، دین کی اصل تعلیمات اور امن کا تصور سمجھایا اور پڑھایا جائے۔ اس فتنے کا خاتمہ پوری قوت کے ساتھ ایک ہو کر کیا جائے۔ یہ عالم انسانیت کی جنگ ہے، صرف اسلام کی نہیں۔ یہ تمام ممالک اور انسانی معاشروں کی جنگ ہے۔ اس دہشت گردی کے فتنے کو کچلنے کے لیے ہم سب طبقاتِ انسانیت کو ایک ہونا ہو گا۔

اللہ رب العزت ہمیں کامیابی و کامرانی عطا کرے اور لوگوں کے دل، روّیے، نظریے بدلنے اور صوفیاء و اولیاء کی تعلیمات کو عام کرنے کے لئے ہمیں اپنا کردار ادا کرنے کی توفیق و ہمت عطا فرمائے


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https://avalanches.com/in/kota_ayush_prajapati_an_exellent_personality_with_singing_music5966351_12_01_2023

Ayush Prajapati is a music artist as well as a music video creator, he had great interest in music, singing from the beginning and wants to become a professional singer


Ayush Prajapati is a multi-talented artist,


Ayush Prajapati is a self-taught singer and music producer. Ayush Prajapati is known for his very popular Disstrack song name was (Mere Yaaraa) which he sang in 2022.


He has started becoming a singer at his young age.

he has made some of best song in India's, You can listen to his songs on many platforms like YouTube, Spotify, Apple Music, Jio Saavn Dates. This is also a video creator in additional to lofi song, which he makes on his social media accounts. put on what people like very much. You can contact them on their social media accounts.

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Why Is Power Sector Deploying Control Valves?


For more insights:- https://www.psmarketresearch.com/market-analysis/control-valves-market


The escalating energy demand, primarily on account of the booming population, is creating a huge requirement for control valves in the power sector. To meet the high electricity demand, the power industry needs to adopt upgraded equipment for producing, processing, and transporting energy, which narrows down the demand-supply gap considerably. The supply gap can be narrowed by using control valves, which are power-operated devices utilized to manipulate the flow of steam, water, and oil and gas in several power generation plants.


In recent years, the control valve manufacturing companies such as Emerson Electric Co., Honeywell International Inc., AVK Holding A/S, Samson AG, Goodwin International Ltd., Armstrong International Inc., Swagelok Company, IMI plc, General Electric Company, Schlumberger N.V. (Schlumberger Ltd.), Flowserve Corporation, and Metso Corporation have been focusing on the production of butterfly valves due to the increasing use of such variants in the industrial sector. The small size of such variants and their ability to close and open rapidly when actuated, has augmented their adoption in manufacturing facilities.


In addition to butterfly control valves, manufacturers are also offering ball valves, cryogenic valves, diaphragm valves, globe valves, gate valves, and plug valves to the power generation, food and beverages, automotive, oil and gas, pharmaceutical, mining, agriculture, wastewater management, and marine industries. In the coming years, pharmaceutical companies will adopt control valves at the highest rate as these devices aid in improving their production operations by minimizing uncertainties and maximizing efficiency. As pharmaceutical firms need to comply with stringent safety norms to enhance operational efficiency and mitigate risk, they will deploy control valves in large numbers.


Control valves utilized for various industrial applications are based on manual control, hydraulic control, pneumatic control, and electric control actuation technologies. To develop more advanced variants of control valves, manufacturers of these devices are actively focusing on expanding their product portfolio. For example, Samson AG completed the acquisition of SED Flow Control GmbH, a Germany based company, in September 2017, to expand its product portfolio for the food and beverage and pharmaceutical and biotechnology sectors.


According to P&S Intelligence, Asia-Pacific (APAC) dominated the control valves market in the recent past, and it is expected to adopt these devices at the highest rate in the forthcoming years. This is due to the accelerating economic growth, burgeoning need for energy, rising number of manufacturing companies, and improving infrastructure in the region. Among APAC nations, China adopts the highest volume of control valves, due to the surging number of infrastructural development projects and amplifying use of these devices in the automotive, oil and gas, water and wastewater treatment, and power generation industries in the country.


Thus, the rising demand for energy and burgeoning need for improving operational efficiency in the manufacturing sector will fuel the adoption of control valves in the foreseeable future.


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https://avalanches.com/in/jammu_meet_aamir_naik_an_upcoming_musical_artist_from_jammu_and_kashmir_who5962662_12_01_2023

Meet Aamir Naik, an upcoming musical artist from Jammu and Kashmir who is making waves in the Indian music industry.

Aamir Naik is a rising star and has already achieved a whole lot in the world of music. His first album “Farak” and “Udaan” came out in 2021, and since then he has been featured on some of India’s biggest media outlets including MTV, Zee Music and on his Verified YouTube channel.

He has already collaborated with some of the most popular music producers in the industry, and his work is gaining increasing recognition.


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الوسائل الإلكترونية التي غيرت حياتنا اليومية

هناك الكثير من الوسائل الإلكترونية التي قامت بتغيير مسار الحياة الإنسانية. لها إسهامات بارزة في تحسين الوسائل المستخدمة في الحياة الإنسانية. هذه الوسائل الإلكترونية على سبيل المثال الإنترنت، الحاسوب الآلي والوسائل الاجتماعية أبدعت التغيرات الملحوظة في حياتنا البشرية.

نتمكن من القيام بأعمالنا المكتبية الرسمية وغير الرسمية في أقل وقت بوسيلة هذه الوسائل الإلكترونية. اليوم العديد من الشركات والمصانع والحكومات والمظمات والمئسسات تستخدم هذه الأدوات التكنولوجية في العمليات الكثيرة.

نحن لا نستطيع أن نقوم بتكميل الأعمال بدون هذه الأدوات الإلكنرونية في أسرع وقت ممكن.

الدكتور سراج احمد المصباحي



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